बेणेश्वर धाम में शुरू हुआ 10 दिवसीय मेला

जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री श्री नंदलाल मीणा ने 7 फ़रवरी को डूंगरपुर जिले में बेणेश्वर मेले का उद्घाटन किया। राजस्थान के दक्षिणांचल में माही, सोम और जाखम नदियों से घिरा बेणेश्वर लोक आस्थाओं का वह महातीर्थ है जहां हर साल माघी एकादशी से दस दिन का विराट मेला लगता है। वागड प्रयाग कहे जाने वाले संत मावजी महाराज के पवित्र धाम तथा त्रिवेणी संगम के मुहाने पर स्थित बेणेश्वर धाम में राजस्थान, मध्यप्रदेश और गुजरात सहित देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु हिस्सा लेते हैं और वागड़ अंचल के मेलार्थियों सहित पांच लाख से ज्यादा मेलार्थी एकत्रित होने की संभावना है। इसमें कई लाख लोगों के आने के कारण इसे इस अंचल के कुंभ की ही तरह मान्यता प्राप्त है। मेले का समापन 15 फरवरी को होगा। 
बाणेश्वर मेला एक नजर में:
  • वेणेश्वर मेला, राजस्थान के डुंगरपुर जिले का प्रसिद्ध मेला है, जिसमें राजस्थान, मध्यप्रदेश और गुजरात के आदिवासी बड़ी संख्या में भाग लेते हैं। 
  • यह मेला माघ शुक्ल पूर्णिमा के अवसर पर भील, सोम व माही नदियों के पवित्र संगम पर वेणेश्वर नामक स्थान पर लगता है जो डुंगरपुर से 65 किमी की दूरी पर स्थित है।
  • संगम पर डुबकी लगाने के पश्चात भगवान शिव के दर्शन के लिए बेणेश्वर मंदिर जाने को हर कोई बेताब रहता है। 
  • बेणेश्वर मंदिर के परिसर में लगने वाला यह मेला भगवान शिव को समर्पित होता है। 
  • संगम पर बने इस मंदिर के निकट भगवान विष्णु का भी मंदिर है, जिसके बारे में मान्यता है कि जब भगवान विष्णु के अवतार माव जी ने यहां तपस्या की थी, यह मंदिर उसी समय बना था।