काला हिरण और चिंकारा शिकार केस में बरी हुए सलमान खान

बॉलिवुड अभिनेता सलमान खान को राजस्थान उच्च न्यायालय ने काले हिरण और चिंकारा शिकार मामले में बरी कर दिया है। कोर्ट में मामले की सुनवाई के वक्त सलमान खान की बहन भी मौजूद थी। 1998 के इस मामले में सलमान खान को दोषी मानते हुए निचली अदालत पहले ही उन्हें सजा सुना चुकी थी। सलमान ने निचली अदालत से मिली सजा को जोधपुर हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। निचली अदालत ने सलमान को शिकार के दो अलग-अलग मामलों में क्रमश: एक साल और पांच साल की सजा सुनाई थी। हाईकोर्ट ने मामले पर मई के आखिरी सप्ताह में सुनवाई पूरी कर ली थी और फैसला सुरक्षित रख लिया था। अवैध शिकार के दो अलग-अलग मामलों में सलमान के अलावा सात अन्य आरोपी भी शामिल हैं। जोधपुर के सुदूरवर्ती इलाके भावड़ में 26 सितंबर, 1998 को और इसी इलाके के घोड़ा फार्म्स में 28 सितंबर, 1998 को यह अवैध शिकार किए गए थे। सलमान उस समय जोधपुर में फिल्म 'हम साथ साथ हैं' की शूटिंग कर रहे थे। सलमान इस मामले में इससे पहले जोधपुर जेल जा चुके हैं।
सलमान के बरी होने की खबर आते ही उनके फैंस और परिवार के बीच खुशी का माहौल है।  इससे पहले इस मामले में सलमान को सेशन कोर्ट की ओर से पांच साल की सजा सुनाई गई थी, जिसके बाद सभी की चिंता बढ़ गई थी।  जैसे ही सलमान को बरी किए जाने की खबर आई, सोशल साइट पर जैसे बवाल मच गया। एक ट्विटर उपयोगकर्ता ने लिखा कि सलमान को बरी किया जाना और कुछ नहीं बल्कि उनकी शादी की तैयारियों का हिस्सा है। भारतीय न्याय व्यवस्था का मखौल उड़ाता फैसला। कुछ लोगों ने तो अदालत के फैसले की निंदा करते हुए इसे 'शर्मनाक' बताया।
हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद विश्नोई समाज ने विरोध शुरू किया दिया है। विश्नोई समाज के लोगों ने जोधपुर जिला कलेक्टर कार्यालय के सामने सलमान खान के पोस्टर व बैनर के साथ प्रदर्शन किया। बिश्नोई टाइगर्स फोर्स के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि तीन-तीन हिरण शिकार मामले में आरोपी सलमान खान के खिलाफ पर्याप्त सबूत व साक्ष्य होने के बावजूद भी सरकार की ढिलाई और हाईकोर्ट में मजबूती से पक्ष नहीं रखने के कारण सलमान खान को हाईकोर्ट ने बरी किया है। इससे विश्नाई समाज के साथ ही वन्यजीव प्रेमियों को निराशा हाथ लगी है। उन्होंने कहा कि मूक बधिर को न्याय नहीं मिल पाया है।  विश्नोई समाज के अध्यक्ष शिवराम ने नाराजगी जताते हुए कहा कि राज्य सरकार और वन विभाग पर्यावरण व जीव संरक्षण के लेकर हमेशा से ही उदासीन रहा है।