Farmers call off 13-day long protest, Rajasthan Govt announces Rs 20,000 Crore loan waiver

Farmers have called off their 13-day long protest in Rajasthan after the agreement with the state government Wednesday late night.  Along with this, three day long ChakkaJaam has also been withdrawn by the farmers. Rajasthan government has announced a farm loan waiver of Rs 20,000 crore. The state will waive all farmer loans over Rs 50,000. After study of other states by a high level committee. The committee will submit its report within a month after consultation with all stakeholders. After the announcement, farmers called off protests in Sikar, which were on for 13 days.
The goverment has also been agreed on the farmer's other demands, including electricity at subsidized rates and ensuring the safety of animal traders. On Thursday, after three days, traffic has started on many routes including Sikar and Jhunjhunu. “We regret the inconvenience caused to people due to the stir and asked farmers to end the sit in,” said Communist Party of India (Marxist) MLA Amraram, who was among those representing the farmers.


मंत्रिमंडल ने BSNL से अलग कम्‍पनी बनाने को मंजूरी दी

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्‍यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) के मोबाइल टॉवर संसाधनों को बीएसएनएल की पूर्ण स्‍वामित्‍व वाली एक अलग कम्‍पनी में सम्मिलित करने को अपनी मंजूरी दे दी है। इस मंजूरी से बीएसएनएल एक अलग सहायक कंपनी बनाकर अपनी दूर-संचार टावर और संरचना तैयार करने के लिए अधिकृत हो गया है। देश में लगभग 4,42,000 मोबाइल टावर हैं, जिसमें से 66,000 से भी अधिक मोबाइल टावर बीएसएनएल के हैं। बीएसएनएल की एक स्‍वतंत्र, समर्पित टावर कंपनी की केंद्रित पहुंच से बाहरी किराए में वृद्धि होने के साथ-साथ नई कम्‍पनी के लिए अधिक धन अर्जित होगा।
दूरसंचार टावर उद्योग बुनियादी सुविधा की हिस्‍सेदारी के लिए संभावना से लाभ प्राप्‍त करने हेतु एक स्‍वतंत्र व्‍यवसाय के रूप में उभरा है। व्‍यवसाय का यह प्रारूप, ऊंची अर्थव्‍यवस्‍था तक पहुंचने की जरूरत और मोबाइल सेवा प्रदान करने में पूंजीगत निवेश में कमी लाने की सोच से उत्‍पन्‍न हुआ है। दूरसंचार विभाग की नीति सकारात्‍मक सुविधा की हिस्‍सेदारी की अनुमति देती है, जैसे – टावर संरचना, डीज़ल जनरेटर सेट, बैट्री यूनिट, पावर इन्‍टरफेस यूनिट, एयर कंडीशन आदि, जिससे दूरसंचार और संरचना उद्योग के विकास में आसानी हुई है। एक टावर और संरचना कंपनी अनिवार्य रूप से सकारात्‍मक अवसंरचना संसाधन की स्‍वामी होती है और दूरसंचार सेवा प्रदाताओं को पट्टे पर उपलब्‍ध कराती है ताकि वे बार-बार के निवेश से बचें और संचालन तथा रखरखाव की लागत पर अधिक धन लाभ प्राप्‍त कर सकें तथा उनका मुनाफा बढ़े।
 बीएसएनएल और एमटीएनएल के मॉडल के अलावा, जिसमें सेवा प्रदाता अपनी सकारात्‍मक अवसंरचना के भी स्‍वामी होते है, दूरसंचार टावर उद्योग में तीन भिन्‍न व्‍यवसाय प्रारूप होते है:- ऐसी कंपनियां जो सेवा प्रदाताओं के टावर संसाधन पोर्टफोलियो को सहायक कंपनियों में शामिल करके तैयार हुई हैं, सेवा प्रदाताओं द्वारा संयुक्‍त रूप से स्‍वतंत्र संयुक्‍त उपक्रम के रूप में स्‍थापित कंपनियां और ऐसी कंपनियां जो विशेष सेवा प्रदाताओं द्वारा आगे लाई गई है किन्‍तु टावर कंपनी के लिए एक प्रमुख किराएदार होने के कारण प्रोमोटर के साथ स्‍वतंत्र कारोबार के रूप में स्‍थापित हुई है।

केंद्रीय कर्मचारियों का DA 1% बढ़ा

केंद्र सरकार ने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 1 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर इसे 5 प्रतिशत कर दिया है, इसका फायदा करीब 50 लाख कर्मचारियों और 61 लाख पेंशनभोगी लोगों को होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया। नई दर 1 जुलाई से लागू होगी। कैबिनेट की बैठक में एक संशोधन बिल को भी मंजूरी दी गई, जिसके तहत औपचारिक क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए कर-मुक्त ग्रैच्युटी को 20 लाख रुपये करने का प्रावधान है। कर मुक्त ग्रैच्युटी की मौजूदा ऊपरी सीमा 10 लाख रुपये है। इस अधिनियम का मुख्य उद्देश्य सेवानिवृत्ति के बाद कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा, प्रदान करना है।

राजस्थान के अन्य शहरों में फैला सीकर किसान आंदोलन

राजस्थान के सीकर में हजारों किसानों ने विभिन्न मांगों को लेकर निकाली किसान राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र में विगत कुछ दिनों से शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे हैं। अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमराराम के नेतृत्व में चल रहे महापड़ाव की गूंज अब राजस्थान के दूसरे जिलों में सुनाई देनी लगी है। वहां के किसान और किसान संगठन भी किसानों की इन मांगों के पूरे नहीं होने पर गुस्से में है। वे आंदोलन को समर्थन दे रहे हैं। कुछ महीने पहले भी सरकार की ओर से बढ़ाई बिजली दरों को लेकर भी पूरे प्रदेश में इसी तरह के किसान आंदोलन चले थे। तब सरकार ने घबराकर किसानों की बिजली दरें वापस ली। अब फिर से वैसा ही आंदोलन फिर से शुरु हुआ है। सीकर से शुरू हुआ यह आंदोलन अब धीरे धीरे राजस्थान के 14 ज़िलों में फैल गया है। सीकर में रोज़ सभाएं हो रही हैं, रात को सांस्कृतिक कार्यक्रम भी हो रहा है। दस सितंबर को ज़िले के प्रभारी मंत्री से सीकर सक्रिट हाउट में बातचीत हुई मगर असफल रही।  उसके बाद किसानों ने चक्का जाम का फैसला किया। 
भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में हो रहे  किसान आंदोलन की अगुवाई पूर्व विधायक अमराराम और पेमाराम कर रहे हैं। निर्दलिय विधायक हनुमान बेनीवाल एवं राजपा नेता किरोड़ी लाल मीणा ने भी आंदोलन को समर्थन दिया है। श्रीगंगानगर में आंदोलन कर रहे किसानों को सोमवार को सामाजिक कार्यकर्ता योगेन्द्र यादव ने संबोधित किया,उन्होंने स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने की मांग करते हुए कहा कि इस देश में किसानों के साथ अन्याय हो रहा है । बीकानेर,चूरू,झुंझुनूं जिलों में भी भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में किसानों ने महापड़ाव डाल रखा है । इस आंदोलन की सबसे खास बात यह है कि बीजेपी के समर्थक माने जाने वाले छोटे व्यापारियों का भी समर्थन किसानों को मिल रहा है। प्रदर्शनकारी किसानों का कहना है कि उन्हें 3 रुपए किलो प्याज खरीदकर बाजार में ग्राहकों को 30 रुपए किलो में बेचा जा रहा है।  उन्हें इस वजह से फसल की सही कीमत नहीं मिल रही है। फसल की सही कीमत नहीं मिलने की वजह से किसान बैंकों और स्थानीय साहूकारों से लिए गए कर्ज को लौटाने में असमर्थ हैं। 
किसानों की यह भी मांग है कि मोदी सरकार स्वामीनाथन समिति की सिफारिशों को लागू करे, जिसमें यह कहा गया था कि किसानों को फसल उत्पादन की लागत पर 50 फीसदी का लाभ मिलना चाहिए और हाल के दिनों में जो पशु बिक्री के लिए कानून बनाए गए हैं उनमें संसोधन किया जाए। पीएम मोदी ने 2014 के लोकसभा चुनावों में इस समिति की सिफारिशों को लागू करने का वादा भी किया था। किसानों की भारी भीड़ को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल की तैनीती हुई है। चुनावी साल में राजस्थान में रोजगार एवं सरकारी नौकरी के मुद्दे पर विरोध झेल रही वसुंधरा सरकार के लिए किसान एक नई परीक्षा है। 

कांता ग्वाला जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय की पहली महिला अध्यक्ष बनी

NSUI की कांता ग्वाला ने इतिहास रचते हुए जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय (JNVU) छात्रसंघ चुनाव जीत लिया है और पहली महिला अध्यक्ष बनी है। एनएसयूआई ने एक तरफा मुकाबले में एबीवीपी के राजेन्द्र सिंह को 2458 मत से पराजित किया। कांता ग्वाला ने अकेले ही 51.38 फीसदी मत हासिल किए। हुक्माराम उपाध्यक्ष, एबी अशोक भाटी महासचिव व दिनेश विश्नोई संयुक्त महासचिव चुने गए। NSUI ने अध्यक्ष पद समेत सभी चारों पदों पर विजयश्री प्राप्त कर न केवल परचम फहराया, बल्कि ABVP के लगातार तीन साल के वर्चस्व को तोड़ अपेक्स की चारों सीटों पर कब्जा जमाया। एनएसयूआई के खेमे में खुशी की लहर है।
28 अगस्त को हुए छात्रसंघ चुनाव के दौरान 49.05 प्रतिशत मतदान हुआ था। यह पिछले साल से करीब तीन प्रतिशत ज्यादा है। चुनाव में एनएसयूआई की कांता ग्वाला ने एबीवीपी के राजेंद्रसिंह को 2458 वोटों के अंतर से हराया। कांता को 4911 तथा राजेंद्रसिंह को 2453 वोट मिले। वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद पर एनएसयूआई के हुकमाराम ने 2559 मतों के मुकाबले अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी शौरभ व्यास को 1626 मतों से पराजित किया। इसी प्रकार एनएसयूआई के ही महासचिव पद के उम्मीदवार एबी अशोक भाटी व संयुक्त महासचिव पद पर दिनेश बिश्नोई ने विजय पताका फहराई। कांता ग्वाला ने जीत के बाद एक विस्तृत फेसबुक पोस्ट में सभी छात्रों को धन्यवाद दिया एवं सभी को जीत के लिए तहेदिल से कोटि-कोटि बधाई दी।

पवन यादव बने राजस्थान विश्वविद्यालय के अध्यक्ष

राजस्थान विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार पवन यादव अध्यक्ष पद पर निर्वाचित हुए हैं। उन्होंने 2656 वोटों से एबीवीपी के संजय माचेड़ी के हराया। राजस्थान में विभिन्न शिक्षण संस्थानों में छात्रसंघ चुनाव 28 अगस्त को हुए थे एवं चुनाव परिणाम 4 सितम्बर को जारी किये गए। पहली बार चुनाव और परिणाम के बीच 7 दिन का अंतराल दिया गया है। राजस्थान विश्वविद्यालय के प्रमुख कॉलेजों के छात्रसंघ चुनाव के परिणाम निम्न है: 

  • महाराजा कॉलेज, जयपुर
    • अध्यक्ष: हर्षवर्धन सिंह राठौड़
    • उपाध्यक्ष: चंद्रप्रकाश कुमावत
    • महासचिव: राधेश्याम धाकड़
    • संयुक्त सचिव: ललित किशोर सैनी
  •  महारानी कॉलेज, जयपुर 
    • अध्यक्ष: नेहा यादव
    • महासचिव: संगीता
    • उपाध्यक्ष: जेबू निशा
    • सयुक्त सचिव: पूनम सावरिया
  • कॉमर्स कॉलेज, जयपुर 
    • अध्यक्ष: आकाश राठौर 
    • उपाध्यक्ष: रोहित मीणा
    • जनरल सेक्रेटरी: मनोज मीणा
    • ज्वॉइंट सेक्रेटरी: तन्मय जैन
  • राजस्थान कॉलेज, जयपुर
    • अध्यक्ष: महेंद्र देगड़ा
    • उपाध्यक्ष: शिव प्रसाद
    • महासचिव: राहुल शर्मा
    • संयुक्त सचिव: आकाश मीणा
  • फाइव ईयर लॉ कॉलेज, जयपुर
    • अध्यक्ष: विक्रम स्वामी
    • उपाध्यक्ष: हर्ष कुमार
    • महासचिव: वसुधा दीक्षित
  • लॉ कॉलेज मॉर्निंग, जयपुर
    • अध्यक्ष: भरत राज चौधरी
    • उपाध्यक्ष: अमरजीत सिंह
    • महासचिव: मानसिंह महरिया
  • लॉ कॉलेज ईवनिंग, जयपुर
    • अध्यक्ष: शशांक सिंह
    • उपाध्यक्ष: मुरारी सिंह
    • महासचिव: मुकेश कुमार
    • संयुक्त सचिव: मुकेश शर्मा
  • SMS मेडिकल कॉलेज, जयपुर 
    • अध्यक्ष: डॉ.रवि कुमार
    • उपाध्यक्ष: डॉ.महेंद्र जोरवाल
    • संयुक्त सचिव: डॉ. मुकेश कुमार

गजेंद्र सिंह शेखावत बने कृषि राज्य मंत्री

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 3 सितम्बर 2016 को अपनी कैबिनेट का विस्तार किया है। 3 साल के कार्यकाल में मोदी का यह तीसरा मंत्रिमंडल विस्तार है। इस मंत्रिमंडल विस्तार में 9 नए चेहरों को शामिल किया गया है। मोदी कैबिनेट में राजस्थान के जोधपुर से लोकसभा सांसद गजेंद्र सिंह शेखावत को कृषि राज्य मंत्री बनाया गया है। गजेंद्र सिंह राजस्थान के जोधपुर से लोकसभा सांसद हैं। 
जैसलमेर में जन्मे गजेंद्र सिंह शेखावत ने छात्र राजनीति से अपना राजनीति कॅरियर शुरू किया। वे जोधपुर लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र से 16वीं लोकसभा में भाजपा सांसद हैं। 

PM lays foundation stone for several major highway projects at Udaipur

Prime Minister, Shri Narendra Modi, today inaugurated, and laid the foundation stone, of several major highway projects at Udaipur in Rajasthan. Speaking on the occasion, the Prime Minister said he is delighted to be in the "Veer Bhumi" of Mewar. The Prime Minister assured people affected by natural calamities, that the Union Government stood by them at this hour of difficulty, and expressed confidence that the people would overcome the challenges, and march forward with even greater vigour.
The Prime Minister said that projects worth over 15000 crore are either being Inaugurated, or initiated (foundation stone being laid) today, in a single function. The Prime Minister said that infrastructure projects are crucial to the progress of the country. He said India can no longer afford delay in infrastructure projects, especially connectivity projects. He said projects such as roads, infuse new energy in the lives of the people. The Prime Minister recalled the Golden Quadrilateral initiated by former Prime Minister Shri Atal Bihari Vajpayee, and said it benefited farmers by connecting them to markets. He said Rajasthan could benefit a lot from tourism, through better infrastructure connectivity, which would bring in employment.
The Prime Minister spoke about the Pradhan Mantri Ujjwala Yojana, under which LPG connections are being given to rural households, which will especially benefit women. The Prime Minister said GST had hugely benefited the nation's economy, by eliminating long waiting times at inter-state borders. The Prime Minister later visited the Pratap Gaurav Kendra, which celebrates the life, valour and achievements of Maharana Pratap, the great King of the erstwhile kingdom of Mewar.